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…तो इस वजह से लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज के पूर्व कार्यवाहक प्रिंसिपल हुए बर्खास्त

लखनऊ। बीते कई महीनों से स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ के पूर्व कार्यवाहक प्रिंसिपल विजय गुप्ता को लेकर कई खबरे आ चुकी है। इतना ही नहीं उनके खिलाफ कई शिकायते मिलने के बाद पिछले करीब चार महीने पहले निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद गुप्ता पर स्पोर्ट्स कॉलेज में हुई अपनी नियुक्ति के दौरान फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाने का आरोप लगा था। इसके बाद जांच की गई तो कई राज से पर्दा उठा है।

इतना ही नहीं जांच में विजय गुप्ता पर जो आरोप लगे थे वो सही पाए गए है। इसके बाद रविवार की शाम योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज के पूर्व कार्यवाहक प्रिंसिपल विजय गुप्ता को फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाने के चलते बर्खास्त कर दिया है।

उधर उनकी बर्खास्तगी करने को लेकर प्रमुख सचिव खेल कल्पना अवस्थी का बयान भी सामने आ रहा है। प्रमुख सचिव खेल कल्पना अवस्थी ने उनकी बर्खास्तगी पर पुष्टि की। जानकारी के मुताबिक वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी के  मामले में उनके खिलाफ गुडंबा थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

क्या है पूरा मामला

गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में टीचर विजय गुप्ता को वरिष्ठतम होने के चलते 18 अगस्त 2015 से 15 सितंबर 2019 तक कॉलेज के प्रिंसिपल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था लेकिन इस दौरान उनका कामकाज करने का तरीका सवालों के घेरे में थे और इसी दौरान वित्तीय अनियमितताएं की बात सामने आई। इसके बाद जांच की गई और पद से हटा दिया गया था। इतना ही नहीं खेल मंत्री ने उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए निलंबित कर दिया था।

ऐसा लिया योगी ने उनके खिलाफ एक्शन

बता दें कि सूबे के मुखिया योगी के आदेश के बाद सभी शिक्षकों की अंक तालिका और प्रमाणपत्रों की जांच की गई है। इसके बाद शिक्षकों के शैक्षणिक और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू हुई। इसके बाद पता चला है कि विजय गुप्ता ने जिस प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने का प्रमाणपत्र लगाया था, उसके प्रिंसिपल ने इसे फर्जी बताया है।

यही नहीं स्कूल को हाईस्कूल की मान्यता 15 सितंबर, 2000 को व इंटर की मान्यता 27 अगस्त 2001 में मिली थी। मगर विजय गुप्ता ने अपने प्रमाणपत्र में जुलाई 2000 से ही शिक्षक के तौर पर पढ़ाने का प्रमाण पत्र लगाया था लेकिन जांच में पता चला है सभी फर्जी है। वेरिफिकेशन के दौरान पता चला कि विजय गुप्ता ने उस प्राइवेट स्कूल में कभी पढ़ाया ही नहीं है। इसके बाद पूर्व कार्यवाहक प्रिंसिपल विजय गुप्ता बर्खास्त कर दिया गया है।

धांधली के चलते पहले हुए थे निलंबित

बता दें कि गुरु गोविन्द सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य एवं इतिहास के अध्यापक विजय कुमार गुप्ता को करीब 5.60 करोड़ रुपये की धांधली में फिर निलंबित कर दिया गया था। इसके पूर्व जनवरी में विजय कुमार गुप्ता को निलंबित किया गया था। इस पर वह न्यायालय से स्थगनादेश ले आए थे। इसके बाद गबन, वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय धन के गबन के आरोप में पहली मई को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही विशेष खेल सचिव राजेश कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था।

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