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RaeBareli : स्पोर्ट्स जोन खेल पत्रिका को खेल जगत ने खूब सराहा

रायबरेली। रायबरेली में हिंदी की पहली मासिक खेल पत्रिका स्पोर्ट्स जोन का विमोचन पूर्व माध्यमिक विद्यालय चक अहमदपुर में सोशल डिस्टेसिंग के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सवेंद्र सिंह चौहान (जिला क्रीड़ा अधिकारी, रायबरेली) ने कहा कि रायरबेली में खेल सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है।

पूर्व माध्यमिक विद्यालय चक अहमदपुर में हिंदी की पहली मासिक खेल पत्रिका का विमोचन

उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स जोन हिंदी मासिक खेल पत्रिका की शुरुआत आइकोनिक ओलंपिक गेम्स अकादमी द्वारा की जा रही है। इसके लिए पत्रिका के प्रधान संपादक डा.आनन्देश्वर पाण्डेय व संपादक सैयद रफत जी बधाई के पात्र है। मेरा विश्वास है कि इससे प्रदेश के खेल जगत को एक बड़ा प्लेटफार्म मिलेगा। इसके साथ यूट्यूब चैनल व न्यूज पोर्टल की शुरुआत भी सराहनीय कदम है।

उन्होंने कहा कि रायबरेली के बच्चों में काफी प्रतिभाए है। इनको उचित प्लेटफार्म की दरकार है। हम खेल संघों के समन्वय से निरंतर उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए काम करते रहते है ताकि यहां के बच्चे देश व प्रदेश का नाम रोशन कर सके।

रायबरेली ओलंपिक एसोसिएशन के सचिव लक्ष्मीकांत शुक्ला ने स्पोर्ट्स जोन पत्रिका की शुरुआत के लिए बधाई देते हुए कहा कि ये एक नया प्रयास है। इसके लिए आइकोनिक ओलंपिक गेम्स अकादमी को बधाई। इससे खिलाड़ियों को नवीनतम जानकारी मिलेगी और अपनी बातों को कहने के लिए एक मंच मिलेगा जिसका अभी नितांत अभाव देखने को मिला है।

हम पहले स्टूडेंट लाइफ में सुनते थे खेल पत्रिका के बारे में, उम्मीद है कि स्पोर्ट्स जोन इस खाली पन को भरेगी। उन्होंने कहा कि यहां ग्राउंड लेवल पर आधारभूत ढांचे की कमी है। इसे बढ़ाने की दरकार है। उन्होंने कहा कि यहां से कई बड़े खिलाड़ी स्कूलों से ही निकले है लेकिन स्कूल में खेल सुविधाओं का अभाव है। वहीं फंड की कमी का भी प्रभाव पड़ता है।

हमारे बच्चें खेल में आगे बढ़ते है तो आर्थिक संकट के चलते उनकी ट्रेनिंग रूक जाती है। जिला खेल सचिव सेकेंडरी एजुकेशन अजय सिंह चंदेल ने कहा कि जूनियर लेवल पर अच्छे टूर्नामेंट की कमी है, अगर ये कमी पूरी हो जाए तो नवोदित खिलाड़ियों के लिए काफी फायदेमंद होगा।

रायबरेली एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीप कुमार शुक्ला ने कहा कि यहीं से रायबरेली एक्सप्रेस कही जाने वाली सुधा सिंह और रूद्र प्रताप सिंह ने निकल कर अंतर्राष्ट्रीय फलक पर देश का नाम रोशन किया लेकिन जिले में इन खेलों के अभ्यास की पर्याप्त सुविधा नहीं है।

रायबरेली ओलंपिक एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला ने कहा कि अभी स्कूलों में पढ़ाई का ज्यादा बोझ है जिससे बच्चें खेल पर ध्यान नहीं दे पाते। इसमें बदलाव की जरूरत है। स्काउट के जिला सचिव अरविंद कुमार शुक्ला ने कहा कि कि नए खिलाड़ी इसलिए नहीं आगे आ रहे है क्योंकि खेल अभी जाब ओरियंटेड नहीं है।

पत्रिका के स्थानीय संपादक वीरेंद्र शुक्ल ने कहा कि हिंदी में ऐसी खेल पत्रिका की शुरुआत की जरूरत काफी लंबे समय से महसूस की जा रही है। स्पोर्ट्स जोन इसी क्षेत्र में काम करेगी। स्पोर्ट्स जोन के निदेशक सैयद रामिश ने आइकोनिक ओलंपिक गेम्स अकादमी द्वारा स्कूल में खेलों को प्रमोट करने की रूपरेखा प्रस्तुत की।

इस अवसर पर मो.मुजफ्फर आलम (अध्यक्ष, रायबरेली बाक्सिंग एसोसिएशन), डा.अताउर रहमान (वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रायबरेली बाक्सिंग एसोसिएशन), क्रिकेट कोच मो.अयाज, शैलेंद्र प्रताप सिंह (संयुक्त सचिव रायबरेली एथलेटिक्स एसोसिएशन, रिपोर्टर आज तक), मार्शल आर्ट कोच डिंपी तिवारी (रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार विजेता) व मार्शल आर्ट कोच पूनम यादव भी मौजूद थे।

इस अवसर पर कई खिलाड़ियों ने अपने विचार रखे। हाई जंप के आल इंडिया चैंपियन रजत ने कहा कि उनके पास बेहतर ट्रेनिंग का अभाव है।

महिला सशक्तिकरण का झंडा बुलंद कर रही डिंपी तिवारी

वर्तमान में नई पौध को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दे रही डिंपी तिवारी एक बहुमुखी प्रतिभा की खिलाड़ी है जिनको ताइक्वांडो, किक बाक्सिंग, वुशु व बाक्सिंग में महारत हासिल है। डिंपी ताइक्वांडो की इंटरनेशनल खिलाड़ी है और नेशनल सिल्वर मेडलिस्ट भी है। उन्होंने किक बाक्सिंग में नेशनल लेवल पर 12 मेडल जीते हैं।

डिंपी वुशू में नेशनल टूर्नामेंट और बाक्सिंग में आल इंडिया यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट व नेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुकी है। वर्तमान में डिंपी माडर्न कोच फैक्ट्री के साथ स्कूलों में भी मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दे रही और इनका सपना महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए तैयार करना है।

इसी के साथ बीपीएड डिग्री धारी व ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट पूनम यादव टिकरा बलक सताउन में मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देकर नई पीढ़ी में फिटनेस व खेल भावना की अलख जगा रही है।

शोक सभा आयोजित

इससे पूर्व रायबरेली ओलंपिक एसोसिएशन के संरक्षक श्री रामनरेश सिंह चौहान (प्रधानाचार्य, शंकरपुर इंटर कॉलेज, स्काउट कमिश्नर) के निधन के चलते आयोजित शोकसभा में दो मिनट का मौन रखकर मृतक आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

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