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उत्तर प्रदेश में दिव्यांग खिलाड़ियों को अब सामान्य खिलाड़ी की तरह मिलेगी सुविधा 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दिव्यांग खिलाड़ियों को अन्य राज्यों की तरह सामान्य खिलाडिय़ों के बराबरी का दर्जा मिलेगा. अब  पैरा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर उन्हें छह करोड़ का नगद पुरस्कार मिलेगा. वही रजत पदक विजेता को चार करोड़ और कांस्य पदक विजेताओ  को दो करोड़ मिलेंगे. टीम इवेंट में भी करोड़ों रुपये इनामी राशि दी जायेगी.

इस बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय से ट्विटर पर दिव्यांग खिलाडिय़ों को सामान्य खिलाडिय़ों के बराबर दर्जा दिये जाने का ट्वीट किया.   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बारे में राज्य के खेल विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिससे पैरा खिलाडिय़ों को भी सामान्य खिलाडिय़ों की तरह ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों की तरह सुविधाएं  मिलेगी.

इस बारे में इण्डियन ब्लाइंड एण्ड पैरा जूडो एसोसिएशन के महासचिव मुनव्वर अंजार ने कहा कि प्रदेश में दिव्यांग खेलों को खेल निदेशालय से जोडऩे के लिये पिछले करीब वर्षों से उनके व अन्य दिव्यांगजन एसोसिएशन की ओर से लगातार प्रयास हो रहे थे.

प्रदेश में भारत सरकार, खेल एवं युवा कल्याण, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात प्रदेशों की तरह उत्तर प्रदेश में भी सभी दृष्टिबाधित, मूकबधिर, पैरा एवं मन्दबुद्धि खिलाड़ी जो कि विभिन्न स्पर्धाओं में राज्य, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हिस्सा ले रहे हैं, उन सभी को सामान्य खिलाडिय़ों की तरह सुविधांए मिलनी चाहिए.

मुनव्वर अंजार, इण्डियन ब्लाइंड एण्ड पैरा जूडो एसोसिएशन के महासचिव

मुनव्वर अंजार ने कहा की बार निदेशालय एवं शासन स्तर पर बैठकें हुईं, मगर उसका कोई समाधान नहीं निकला. पिछले 10 माह में महेश गुप्ता, (अतिरिक्त मुख्य सचिव, दिव्यांगजन), ने भी कई बैठकें प्रमुख सचिव खेल के साथ की. बैठक में मुनव्वर अंजार ने प्रमुख सचिव खेल, कल्पना अवस्थी से मिलकर सारे साक्ष्य दिए.  इसका परिणाम यह है कि प्रदेश के लिए ऐतिहासिक फैसला मुख्यमंत्री ने लेते हुए दिव्यांग खिलाडिय़ों को बड़ा उपहार दिया है.

मुख्यमंत्री के इस ऐतिहासिक फैसले पर मुनव्वर अंजार, प्रदेश के द्रोणाचार्य अवार्डी गौरव खन्ना, वरुण भाटी, ओलम्पियन एवं अन्तर्राष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी कुलदीप, डेफ पैरालम्पियन, दिव्या तिवारी व भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के उप-कप्तान लव वर्मा, भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के चयनकर्ता आशीष श्रीवासतव, भारतीय दिव्यांग बैडमिंटन टीम के खिनाड़ी अबू हुबैदा सहित तमाम खिलाडिय़ों ने खुशी जाहिर की.  मुनव्वर अंजार ने कहा कि लगभग  दस वर्षों से दिव्यांग खिलाडिय़ों को बराबरी का दर्जा दिये जाने के लिए प्रयास हो रहे थे.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांग खिलाडिय़ों को बड़ा उपहार देकर उनका सम्मान बढ़ाया है.

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