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हैण्डबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के संविधान में हुआ बदलाव, देखे वीडियो 

लखनऊ। हैण्डबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (एचएफआई) की विशेष साधारण सभा (एसजीएम) की शनिवार को  बेस्ट वेस्टर्न सागर सोना में हुई बैठक में एचएफआई के संविधान में संशोधन को मंजूरी दी गई।  वरिष्ठ उपाध्यक्ष (एचएफआई) डा.प्रदीप बालामुची ने आज मीटिंग की अध्यक्षता की और सभी आमंत्रित सदस्यों का स्वागत किया।

इस बैठक के एजेंडे में कई अन्य महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई। इन संशोधनों के क्रम में अब नई कार्यकारिणी में सीईओ का पद नहीं हेागा। सीईओ पद के अधिकार अब एचएफआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व महासचिव के बीच में बांट दिए गए है।

अब हैण्डबॉल खेल के विकास पर होगा ज्यादा फोकस : डा.आनन्देश्वर पाण्डेय

एक अन्य महत्वपूर्ण संशोधन जो किया गया उसके अनुसार अब फेडरेशन के पदाधिकारियों का कार्यकाल रजिस्ट्रार ऑफ सोसायटीज की गाइडलाइंस के अनुसार तीन साल करने को मंजूरी दी गई। पहले ये कार्यकाल चार साल का था। इसके साथ ही कार्यकारिणी समिति को ये अधिकार दिए गए कि वो व्यक्तिगत विवादों को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप कर सकती है।

हैण्डबॉल प्रीमियर लीग के सुचारू आयोजन की ओर कदम बढ़ाते हुए लीग चेयरमैन का पद सृजित किया गया है जो लीग की प्रमोटर कंपनी के साथ भव्य आयोजन की दिशा में काम करेगी। इसी के साथ रजिस्ट्रार ऑफ सोसायटीज के नार्म के अनुसार अब कार्यकारिणी पदों की संख्या में संशोधन कर दिया गया है।

अब कार्यकारिणी में 21 पद होंगे जबकि पहले 23 पद थे। इस संशोधन का मकसद ये है कि सभी को निष्पक्ष चुनाव का अवसर मिले जबकि ज़ोन का प्रतिनिधित्व करने की अनिवार्यता को संविधान से हटा दिया गया है।

इस बैठक में हैण्डबॉल के ग्रास रूट लेवल पर विकास के लिए एक समर्पित हैण्डबॉल डेवलपमेंट कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी में चेयरमैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष-प्रशासन व भारतीय हैण्डबॉल के जनरल मैनेजर शामिल होंगे।

यूपी हैण्डबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष डा.सुधीर एम.बोबडे (आईएएस) ने इन संशोधन के बारे में कहा कि संशोधित संविधान से हैण्डबॉल का ढांचा अब कानूनी पहलुओ के अनुरूप हो गया है और अब भारत में हैण्डबॉल खेल के विकास के लिए सभी अब अधिक बेहतर व स्वतंत्र तरीके से काम कर सकेंगे।

हैण्डबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव डा.आनन्देश्वर पाण्डेय ने इसे भारतीय हैण्डबॉल के लिए इसे एक ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि इन संशोधन से कई विधायी विवादों का अंत हो गया है बल्कि अब हैण्डबॉल खेल के विकास के लिए भी ज्यादा ध्यान दिया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि आज हुए संशोधन का मकसद हैण्डबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (एचएफआई) को नेशनल स्पोर्ट्स कोड के साथ इंटरनेशनल हैण्डबॉल फेडरेशन की गाइडलाइंस के अनुरूप बनाना है। इसी के साथ रजिस्ट्रार सोसायटी की पालिसी के अनुरूप भी एचएफआई के ढांचे का पुर्नगठन करना है।

एसोसिएट उपाध्यक्ष (एचएफआई) जगनमोहन राव के अनुसार कार्यकारिणी समिति को संविधान संशोधन के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने पर बधाई दी और सभी को देश में हैण्डबॉल कल्चर के विकास के लिए सहभागी बनने के लिए आमंत्रित किया।

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