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Chandauli : 22 साल पहले बना जिला लेकिन अभी भी स्टेडियम का इंतजार

चंदौली। वाराणसी से सटा चंदौली जिला बहुत ही छोटा जरूर है पर यहां के लोगों का खासकर खेल से जुड़े व्यक्तियों का दिल न केवल बड़ा है बल्कि वे जिले का नाम खेल जगत में रोशन करने के लिए प्रतिबद्ध और संकल्पित भी दिखते हैं। यही वजह है कि जब स्पोर्ट्स जोन की टीम चंदौली पहुंची तो वहां के खेल एसोसिएशनों से सम्बद्घ सभी लोग टीम के स्वागत के लिए उपस्थित थे।

 

उनके उत्साह और उनकी सक्रियता में कहीं कोई कमी नजर नहीं आई। कोरोना को लेकर यहां के लोग सतर्क जरूर थे और बचाव के लिए इंतजामात भी कर रखे थे पर अपनी समस्या को लेकर चिंतित थे। यहां के खेल से जुड़े लोगो की सबसे बड़ी विकट समस्या यह है कि अभी तक जिले में कोई स्टेडियम नहीं है।

हिंदी की पहली मासिक खेल पत्रिका स्पोर्ट्स जोन का हुआ विमोचन

यहां के लोगों का दर्द यह कहते हुए छलक उठा कि जिले को बने हुए 22 साल का लंबा वक्त गुजर चुका है पर यह दुखद है कि यह जिला स्टेडियम विहीन है। चाहे वह चंदौली जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय हों या सचिव प्रेम प्रकाश यादव या जिला खेल संघ का कोई अन्य पदाधिकारी सभी का यही दर्द है कि जिले में कोई स्टेडियम न होने की वजह से यहां खेल की गतिविधियां परवान नहीं चढ़ पा रही हैं।

सभी का कहना है कि यहां से राजनेता तो कई हुए पर उन्होंने जिले में खेलों के विकास पर कोई ध्यान न देकर हम लोगों को निराश किया। चंदौली जिला प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में रक्षा मंत्री राजनाथ का गृह जनपद है। साथ ही यहां के सांसद महेन्द्रनाथ पांडेय इस समय केन्द्रीय मंत्री भी हैं।

बावजूद इसके हर किसी ने खेलों से संबधित हमारी एकमात्र स्टेडियम की मांग को अनसुना ही कर रखा है। स्पोर्ट्स जोन पत्रिका के विमोचन समारोह में उपस्थित जिले के तमाम खेल संघो के पदाधिकारियों का यहीं कहना था कि हमारी मांगो या अपीलों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है नतीजा यह है कि स्टेडियम के न होने की वजह खेलों के लिए खिलाड़ियों के लिए उचित प्लेटफार्म का नितांत अभाव है।

सभी का यही कहना है कि यहां खेल का साधन है ही नहीं। हम चाहकर भी बच्चों को उचित ढंग से प्रशिक्षण नहीं दे पा रहे है। यदि स्टेडियम और क्वालीफाइड कोच हों तो हम बच्चों को न केवल खेलों से जोड़ सकेगें बल्कि उनकी प्रतिभा और निखरकर सामने आ पाएगी।

विमोचन समारोह में मनोज कुमार पांडेय और प्रेम प्रकाश यादव के अलावा शरद प्रताप राव (जिला ओलंपिक संघ कोषाध्यक्ष, ताइक्वाण्डो संघ सचिव), कुमार नन्द (जिला ओलंपिक संघ वरिष्ठ उपाध्यक्ष, चंदौली जिला महासचिव बाक्सिंग एसोसिएशन), केके यादव (अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी), शालिनी सिंह (मुएथाई/नेटबाल संघ सचिव), रंजीत पांडेय (तीरंदाजी संघ उपाध्यक्ष), असगर अली (फुटबाल संघ सचिव), प्रदीप यादव (ग्रेपलिंग संघ अध्यक्ष, भारतीय कुश्ती पद्घति संघ सचिव), मनोज कुमार सिंह (क्रिकेट सचिव), अजय सिंह (खो-खो संघ सचिव), गोविन्दा खरवार (तीरंदाजी सचिव), शमसेर (कराटे संघ सचिव), प्रदीप यादव (वेटलिफ्टिंग संघ सचिव), रोहित यादव (मुएथाई संघ सचिव), विकास राज (सचिव, कुडो संघ/पेचंक सिलाट), अशोक केशरी (ताइक्वाण्डों संघ अध्यक्ष), देव कुमार आनन्द (जिला ओलंपिक संघ उपाध्यक्ष), पुष्पा राय (सदस्य), राजेश यादव (जिला ओलंपिक संघ उपाध्यक्ष), ज्योति वर्मा (सदस्य), दिलीप कुमार (एथलेटिक्स जिला संघ सदस्य) आदि उपस्थित थे।

अंतरराष्ट्रीय पहलवान केके यादव ने अपनी जमीन पर किया अखाड़े का निर्माण

इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय पहलवान केके यादव ने जिले में स्टेडियम न होने के बावजूद अपनी पहल से एक नया आयाम स्थापित किया है। उन्होंने अपनी जमीन देकर उस पर अखाड़े का निर्माण कराया। उनके इस अखाड़े में आसपास के 100 से अधिक बच्चे पहलवानी का गुर सीखने आते है। जहां तक के.के. यादव की बात है तो उन्होंने 2003 में पोलैण्ड में हुई ओपन कुश्ती में 10वां स्थान हासिल किया था।

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